
एमआईटी-एडीटी विश्वविद्यालय को ‘डास्का’ मान्यता एआई एवं डेटा साइंस पाठ्यक्रमों को मिला अंतरराष्ट्रीय दर्जा; महाराष्ट्र का पहला विश्वविद्यालय बना
पुणे : एमआईटी आर्ट, डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय (एमआईटी-एडीटी) को डेटा साइंस काउंसिल ऑफ अमेरिका (DASCA) की मान्यता प्राप्त हुई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डेटा साइंस क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के लिए इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस मान्यता के साथ एआई एवं डेटा साइंस के विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए ‘डास्का’ मान्यता प्राप्त करने वाला एमआईटी-एडीटी महाराष्ट्र का पहला विश्वविद्यालय बन गया है।
यह मान्यता कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग तथा सूचना प्रौद्योगिकी शाखा के अंतर्गत 11 स्नातक, 3 स्नातकोत्तर तथा पीएच.डी. स्तर के पाठ्यक्रमों को प्रदान की गई है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, ब्लॉकचेन तथा इंटेलिजेंट सिस्टम्स जैसे आधुनिक डेटा साइंस एवं एआई के प्रमुख तकनीकी क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
‘डास्का’ मान्यता केवल उन संस्थानों को प्रदान की जाती है, जिनके पाठ्यक्रम वैश्विक मानकों, शैक्षणिक गुणवत्ता और उद्योगोन्मुख शिक्षा से सुसंगत होते हैं। यह मान्यता डेटा-आधारित अर्थव्यवस्था की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को नवीन तकनीकों से युक्त शिक्षा प्रदान करने वाले विश्वस्तरीय संस्थानों को दी जाती है।
इस मान्यता के माध्यम से विश्वविद्यालय को डास्का की ‘वर्ल्ड डेटा साइंस एंड एआई इनिशिएटिव’ (डब्ल्यूडीएसएआई) के अंतर्गत वैश्विक उपक्रमों में भागीदारी का अवसर मिलेगा। साथ ही, फैकल्टी प्रशिक्षण, शोध सहयोग तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
एमआईटी-एडीटी विश्वविद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. विश्वनाथ डी. कराड ने इस वैश्विक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और मानवीय मूल्यों के समन्वय पर आधारित शिक्षा प्रणाली विकसित करना विश्वविद्यालय का निरंतर प्रयास रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की कौशल-आधारित शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य को डास्का मान्यता से नई मजबूती मिली है।
विश्वविद्यालय के कार्याध्यक्ष एवं प्र-कुलपति प्रो. डॉ. मंगेश कराड ने कहा कि यह उपलब्धि शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचार की सतत यात्रा का प्रतीक है तथा प्राप्त मान्यता सम्मान के साथ-साथ जिम्मेदारी भी बढ़ाने वाली है।
इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. डॉ. राजेश एस., एनईपी, रैंकिंग एवं मान्यता अधिष्ठाता प्रो. डॉ. विरेंद्र शेटे, कुलसचिव डॉ. महेश चोपडे, डॉ. गणेश पाठक, डॉ. श्रद्धा फणसळकर तथा डॉ. राकेश सिद्धेश्वर को विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से बधाई दी गई है।